प्रॉपर्टी एवं जमीन खरीदने के लिए क्या-क्या सावधानियां बरतनी होती है।

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land purchase act | जमीन खरीदते वक्त की सावधानी | uttarakhand land purchase act

जब भी हम कोई घर जमीन खेत प्लॉट या कोई प्रॉपर्टी खरीदते हैं। तो हमें कुछ सावधानियां बरतनी होती है। जिनसे आर्थिक नुकसान और समय का नुकसान ना हो। और हम किसी जालसाजी में ना फंसे। इसलिए किसी भी जमीन के टुकड़े खरीदते वक्त पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। जब भी कोई जमीन खरीदें तो सबसे पहले खरीदारों की जांच करना अति आवश्यक है। जमीन के कागजात चेक करना भी आवश्यक है।

जमीन खरीदने के लिए क्या क्या सावधानी ध्यान में रखनी चाहिए

जमीन एवं घर का सपना भारत का प्रत्येक व्यक्ति देखता है। वह अपने जीवन की सारी जमा पूंजी घर और जमीन खरीदने में लगा देता है। जमीन का सर्किल रेट के हिसाब से जमीन का बाजारी मूल्य अधिक होता है। इसलिए जमीन खरीदते वक्त कागजात की एवं जमीन की जांच करना लाभदायक होता है। जमीन खरीदते वक्त जिन जिन सावधानियों का ध्यान रखना है हम उनकी विस्तृत जानकारी नीचे आर्टिकल में दे रहे हैं।

जमीन खरीदते समय विक्रेता या जमीन बेचने वाले का टाइटल या नाम की जांच करना

जमीन के टाइटल की जांच खरीदते वक्त करना सबसे आवश्यक है। हमें यह ध्यान रखना जरूरी है कि जिस से हम जमीन खरीद रहे हैं। जमीन का टुकड़ा उसी के नाम पर हो। अगर जमीन बेचने वाले ने पहले भी जमीन बेची है। तो यह चेक करना भी आवश्यक है कि जमीन कितनी बेची गई है, और व्यक्ति के नाम कुल कितनी जमीन थी। प्रॉपर्टी के असली मालिक द्वारा ही आप के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री की जाएगी। आप किसी वकील की सहायता भी प्रॉपर्टी के कागज चेक करने में ले सकते हैं। आप एडवोकेट की सहायता द्वारा जमीन की विस्तृत जानकारी या गहन जांच करवा सकते हैं। पिछले 30 सालों में जमीन किसके द्वारा खरीदी गई है, किसके द्वारा बेची गई है, यह सभी जानकारी आपको चेक करनी होगी।

Registrar office में document check करे

वह जमीन प्रॉपर्टी आप अलाउड जिस भी रजिस्टर ऑफिस के अंतर्गत आता है। उसकी खोज कर के वहां संपर्क कर जमीन का पूरा विवरण चेक कर सकते हैं। इसमें आप किसी भी वकील की सहायता ले सकते हैं। अलग-अलग राज्यों में जमीन को चेक करने के लिए अलग-अलग पद्धति है। जैसे बैंगलोर में रजिस्टार ऑफिस द्वारा सर्च रिपोर्ट जारी की जाती है। किसी भी जमीन को खरीदते एवं बेचते वक्त किसी अनुभवी वकील द्वारा दस्तावेजों की जांच करना एक मुख्य कार्य है। हम तहसील में जमीन के संबंधित अधिकारी से भी दस्तावेजों की जांच करवा सकते है।

जमीन को खरीदने से पहले पब्लिक नोटिस समाचार पत्रों के माध्यम से

जब भी कोई जमीन खरीदें तो जमीन जिस भी राज्य के अंतर्गत आती है। तो उस राज्य के स्थानीय भाषा में अखबार के माध्यम से एक नोटिस निकाला जा सकता है। अगर कोई और व्यक्ति उस जमीन पर अपना दावा करता है। नोटिस के द्वारा जमीन के किसी भी विवाद को चेक किया जा सकता है। यह जमीन खरीदने के संबंध में बहुत महत्वपूर्ण सावधानी है।

पावर ऑफ अटॉर्नी या POA की जांच

जब भी किसी जमीन के मालिक को भूमि बेचने से संबंधित डील करने में असमर्थ हो स्वास्थ्य के कारण या किसी अन्य कारण से तो वह कई बार भूमि को पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर बेचा जाता है। पावर ऑफ अटार्नी की जांच करना अति आवश्यक है। पावर ऑफ अटॉर्नी के दस्तावेजों की जांच करना भी बहुत महत्वपूर्ण है। पावर ऑफ अटॉर्नी की समय सीमा तय की जा सकती है। अतः जमीन खरीदते वक्त यह महत्वपूर्ण सावधानी है कि पावर ऑफ अटॉर्नी का समय रहते ही पूरे दस्तावेज का कार्य पूरा कर दिया जाए। जमीन खरीदने के बाद में होने वाली असुविधा से बचा जा सकता है।

भूमि खरीदने के लिए दस्तावेजों की जांच

किसी भी जमीन को खरीदने से पहले उसके दस्तावेजों की गहन जांच करना आवश्यक है। क्योंकि भूमि के मालिक जिस से भी हम जमीन खरीद रहे हैं। उसके नाम कुल कितनी भूमि है। और वह हमें कितनी भूमि बेच रहा है। साथ ही चेक कर ले कि व्यक्ति ने भूमि पर कोई भी लोन तो नहीं लिया है। कहने का मतलब है जमीन खरीदते वक्त जमीन के कागजात की पूर्ण रूप से जांच करना सबसे महत्वपूर्ण है। जमीन खरीदते वक्त पहले जमीन के दस्तावेज मांग कर अच्छी तरह से जांच करवा ले।

जमीन की टैक्स रसीद

अगर जमीन भूमि टैक्स के अंतर्गत आती है। तो पूर्व में जमा किया गया टैक्स की रसीद जरूर चेक कर ले। जमीन खरीदने की समय से पूर्व जमीन का टैक्स जमा किया गया हो। इसकी भी जांच करना आवश्यक है। क्योंकि उन दृश्यों में जमीन के मालिक का नाम होना चाहिए। यह जमीन के मालिक के नाम पर खाता एवं revenue record को भी चेक करेगा।

जमीन खरीदने के लिए स्थानीय नियमों की जांच

हमें यह भी ध्यान देना है, जिस भी क्षेत्र के अंतर्गत या गांव के अंतर्गत जमीन या प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं। उस पर किसी प्रकार का कानूनी रूप से प्रतिबंध ना लगा हो। भूमि को खरीदने वाले को जमीन की पूरी जांच करनी चाहिए कि जमीन स्थानीय नियमों से किसी प्रकार की प्रतिबंधित ना हो। अलग-अलग राज्यों में भूमि खरीदने जब बेचने के अलग-अलग नियम है। जैसे उत्तराखंड में एससी कोटे वालों का 17 बीघा से कम जमीन होने पर वह जिलाधिकारी के कार्यालय से विशेष परमिशन लेकर ही बेच सकते हैं। और SC की जमीन एक SC  ही व्यक्ति खरीद सकता है यह भी नियम है। इन सारी जानकारियों के लिए जमीन की जांच किसी अच्छे वकील द्वारा करवा ले।

जमीन की लीज अवधि को चेक करें

जमीन अगर लीज पर है। तो जमीन की लीज की अवधि चेक करना आवश्यक है। तो जमीन खरीदते समय तक विशेष ध्यान रखें, क्या जमीन लीज पर ले रखी है, तो लीज का समय या अवधि जरूर चेक करें। कई बार जमीन पर पर्याप्त समय अवधि नहीं मिलती है।

जमीन में कहीं प्रॉपर्टी अगेंस्ट लोन ना लिया गया हो। यह भी चेक करें

यह जरूर ध्यान रखें कि जमीन गिरवी रखकर किसी भी बैंक द्वारा कोई लो ना लिया गया हो। जमीन खरीदते वक्त सबसे से ज्यादा सावधानी पर ध्यान देने वाली बात यही है। अगर जमीन पर लोन भी लिया गया हो तो ध्यान रखना आवश्यक है कि जमीन बंधक अब छूट गई हो। साथ ही जमीन द्वारा एक एनओसी सर्टिफिकेट भी लेना होगा अगर जमीन का पूरा लोन चुकता कर दिया गया है।

जमीन की माप, क्षेत्रफल एवं जमीन की दिशाएं

जमीन की रजिस्ट्री के पूर्व जमीन का भू नक्शा या मानचित्र के साथ-साथ जमीन की चारों तरफ की सीमाएं या दिशाएं सही से चेक कर ले। जमीन की नाप के लिए आप किसी भी ऐसे सर्वेक्षण कर्मी व्यक्ति की मदद ले सकते हैं। जो जमीन का नाप जोक अच्छे से जानता हूं। जो पुराने क्षेत्र के नक्शे में आपकी भूमिका कुल क्षेत्रफल एवं दिशाएं सटीक चेक कर पाए। जमीन खरीदते वक्त जमीन की माप एवं जमीन का नक्शा चेक करें गए ही जमीन ले। साथ ही साथ जमीन के समीप अगर कोई रोड या रास्ता जाता है, तो उसकी भी जांच करना आवश्यक है।

FSI FLORE SPACE INDEX

अलग-अलग राज्यों में निर्माण हेतु अलग-अलग नियम होते हैं। आप किसी भूमि के टुकड़े में कितना निर्माण कर सकते हैं। यह सरकार द्वारा तय नियम अनुसार ही होता है। प्रॉपर्टी की लोकेशन अनुसार प्रॉपर्टी के नियम बदलते रहते हैं। property, खेत एवं प्लॉट की लोकेशन के अनुसार ही जमीन के मूल्य भी स्वीकृत होता है। किसी भी जानकारी के लिए आप एक अच्छे वकील से दस्तावेजों की जांच करवा सकते हैं।

Property एवं जमीन खरीदते वक्त सावधानी हेतु कुछ मुख्य प्रश्न

1- जमीन खरीदने के लिए क्या लोन लिया जा सकता है?

जमीन खरीदने के लिए बहुत से बैंक आपकी सिविल अच्छी होने पर आपको जमीन खरीदने का लोन दे सकते हैं। इस लोन के माध्यम से आप केवल जमीन खरीद सकते हैं। इसके लिए आपको बैंक को ब्याज सहित मूलधन लौटना होगा। भूमि के लिए ब्याज की दरें 7% से 11% तक 2024 में चल रही है। बहुत से बैंक जमीन संबंधी लोन प्रोवाइड करवा रहे हैं।

2- जमीन खरीदने में लिए गए लोन पर क्या टैक्स में छूट मिलती है?

जमीन खरीदने में लिया गया लोन आयकर छूट के अंतर्गत आता है। लेकिन जमीन में घर का निर्माण होना चाहिए। भवन निर्माण में आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के अंतर्गत tax की छूट मिलती है।

3- प्लॉट खरीदने एवं बैंक में एफडी करना किसमें निवेश ज्यादा फायदेमंद है?

जमीन या प्लॉट खरीदने पर लोकेशन के अनुसार निवेश में फायदा हो सकता है। अगर हम किसी हाईवे के नजदीक जमीन खरीदते हैं। तो वह निवेश हमें ज्यादा लाभ दे सकता है। ऐसे ही किसी कम रोड की जमीन पर जमीन खरीदने पर वह उतना निवेश लाभ नहीं देगा। तो कह सकते हैं जमीन की लोकेशन जमीन की निवेश का फायदा तय करती है। जबकि बैंक में की गई आपकी आपको के निवेश में ब्याज अनुसार ही लाभ देती है। जमीन की खरीद आपको निवेश में बहुत ज्यादा लाभ दे सकती है।

किस आर्टिकल में हमने आपको जमीन खरीदने संबंधी क्या क्या सावधानियां होती है । उसके बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश की है। फिर भी आपके मन में जमीन खरीदने या प्लॉट खरीदने में होने वाली समस्या के संबंध में कोई भी प्रश्न हो तो आप हमें कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं। हम आपकी पूरी सहायता करेंगे ।

हमारी वेबसाइट https://www.bhulekhbhunakshamap.com/  पर आपको जमीन संबंधी जैसे भूलेख, भू नक्शा, रजिस्ट्री स्टांप शुल्क, जमीन संबंधित कोई भी प्रश्न के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी। आप आर्टिकल पढ़कर हमें कमेंट के माध्यम से बता सकते हैं कि आपको यह वेबसाइट कैसी लगी। धन्यवाद

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